Swargarohan | સ્વર્ગારોહણ

Danta Road, Ambaji 385110
Gujarat INDIA
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चंद्र का उदय देखकर चर्चा
 
इहाँ सुबेल सैल रघुबीरा । उतरे सेन सहित अति भीरा ॥
सिखर एक उतंग अति देखी । परम रम्य सम सुभ्र बिसेषी ॥१॥
 
तहँ तरु किसलय सुमन सुहाए । लछिमन रचि निज हाथ डसाए ॥
ता पर रूचिर मृदुल मृगछाला । तेहीं आसान आसीन कृपाला ॥२॥
 
प्रभु कृत सीस कपीस उछंगा । बाम दहिन दिसि चाप निषंगा ॥
दुहुँ कर कमल सुधारत बाना । कह लंकेस मंत्र लगि काना ॥३॥
 
बड़भागी अंगद हनुमाना । चरन कमल चापत बिधि नाना ॥
प्रभु पाछें लछिमन बीरासन । कटि निषंग कर बान सरासन ॥४॥   
 
(दोहा)
एहि बिधि कृपा रूप गुन धाम रामु आसीन ।
धन्य ते नर एहिं ध्यान जे रहत सदा लयलीन ॥ ११(क) ॥ 
 
पूरब दिसा बिलोकि प्रभु देखा उदित मंयक ।
कहत सबहि देखहु ससिहि मृगपति सरिस असंक ॥ ११(ख) ॥

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ચંદ્રોદયને જોઈને ચર્ચા
 
(દોહરો)          
પૂર્વ દિશામાં રઘુવરે પેખી પ્રગટ મયંક,
કહ્યું સર્વ ને વિધુ જુઓ સિંહસમો નિશ્શંક